Friday, August 12, 2011

साम्‍प्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए अधिक सक्रिय एनएफसीएच

भारत में विभिन्‍न समुदायों के लोग रहते हैं। विभिन्‍न स्‍तरों पर प्रयास किये जाते हैं कि अलग-अलग समुदायों के बीच सौहार्द बना रहे। गृह मंत्रालय के अधीन साम्‍प्रदायिक सौहार्द के लिए राष्‍ट्रीय प्रतिष्‍ठान (एनएफसीएच) एक ऐसा संगठन है जो साम्‍प्रदायिक सौहार्द कायम करने के लिए काम करता है। सोसाइटी पंजीकरण कानून के अंतर्गत 19 फरवरी, 1992 को एनएफसीएच का पंजीकरण किया गया था। प्रतिष्‍ठान की संचालन परिषद में 24 सदस्‍य हैं और गृह मंत्री इसके अध्‍यक्ष हैं।

एनएफसीएच का आदेश पत्र

एनएफसीएच के आदेश पत्र में अन्‍य बातों के साथ-साथ साम्‍प्रदायिक, जातिगत, नस्‍लीय, आतंकवादी हिंसा से प्रभावित परिवारों के बच्‍चों को सहायता प्रदान करने, साम्‍प्रदायिक सौहार्द और राष्‍ट्रीय एकता को बढ़ावा देने की गतिविधियों और विभिन्‍न धर्मों और अन्‍य समूहों के बीच एकता और संबंधों को मजबूत करने की गतिविधियों को बढ़ावा देने के कार्यक्रम का बीड़ा उठाना है। गृह मंत्रालय प्रतिष्‍ठान को इस निर्देश के साथ 11 करोड़ रूपये की राशि प्रदान करता है कि एनएफसीएच इस धनराशि का इस्‍तेमाल करेगा और इसकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए धनराशि जुटाएगा।

दृष्टि पत्र

केन्‍द्रीय गृह मंत्री की अध्‍यक्षता में 6 जनवरी, 2010 को हुई फाउंडेशन की संचालन परिषद की 15वीं बैठक में, फैसला किया गया कि एक समिति एनएफसीएच के लिए पांच वर्ष का ‘दृष्टि पत्र’ तैयार करे। संचालन परिषद के सदस्‍यों के साथ चर्चा और उनके सुझावों को शामिल करते हुए और प्रतिष्‍ठान के वित्‍तीय और मानव संसाधनों को ध्‍यान में रखते हुए 24 दिसम्‍बर, 2010 को हुई इसकी बैठक में परिषद ने दृष्टि पत्र को मंजूरी दे दी।

एनएफसीएच का सपना ‘भारत को साम्‍प्रदायिक या किसी अन्‍य प्रकार की हिंसा से मुक्‍त करना है, जहां सभी नागरिक खासतौर से बच्‍चे और युवा, सहयोगपूर्ण सामाजिक कार्य, जागरूकता कार्यक्रम‍, हिंसा से प्रभावित बच्‍चों को सहायता के जरिये साम्‍प्रदायिक सौहार्द कायम करके, राष्‍ट्रीय एकता को मजबूत बनाकर और अनेकता में एकता को बढ़ावा देकर शांति और सौहार्द से रह सकें।

सामरिक लक्ष्‍य

एनएफसीएच के प्रमुख लक्ष्‍य हैं:

शिक्षा और जागरूकता- बच्‍चों और युवाओं के लिए शै‍क्षिक कार्यक्रमों की पेशकश और सहायता, लोगों में जागरूकता और शांतिपूर्ण सहअस्तित्‍व, आपसी सम्‍मान और विश्‍वास के लिए ज्ञान पैदा करना।

2; भागीदारी और पहुंच- निचले स्‍तर सहित राज्‍य, राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर साझेदारों और हिस्‍सेदारों की विशेषज्ञता और प्रतिबद्धता का गहरा प्रभाव कायम करना

3 मान्‍यता और पुरस्‍कार –साम्‍प्रदायिक सौहार्द, सामाजिक सम्‍बन्‍ध और राष्‍ट्रीय एकता के लिए व्‍यक्तिगत और संस्‍थागत स्‍तर पर उल्‍लेखनीय योगदान देने वालों की पहचान और पुरस्‍कार देना।

4 हिंसा से प्रभावित बच्‍चों के लिए सकारात्‍मक कार्रवाई- साम्‍प्रदायिक, जातीय और आतंकवादी हिंसा से प्रभावित इलाकों में बच्‍चों का पता लगाकर उनके जीने, सुरक्षा, शिक्षा, व्‍यावसायिक प्रशिक्षण और विकास के अधिकार सुनिश्चित करना।

5 संसाधन जुटाना-धन जुटाने सहित सहयोग के प्रयास करना जिसमें सरकार, जनता और निजी क्षेत्र और नागरिक समाज सहित प्रमुख हिस्‍सेदार शामिल हों।

प्रमुख गतिविधियां

लक्ष्‍यों को हासिल करने के लिए एनएफसीएच निम्‍न गतिविधियां इस प्रकार हैं-

शिक्षा और जागरूकता : जनता तक पहुंचने के लिए सेमिनार, कार्यशाला, चर्चाएं, चित्रकला प्रतियोगिता आदि आयोजित करना शामिल है। स्‍कूल/विश्‍वविद्यालय स्‍तर पर जागरूकता पैदा करने के कार्यक्रम, समान विचार वाले अन्‍य संगठनों के साथ साझेदारी में शांति और सौहार्द के बारे में वार्षिक जन जागरूकता अभियान आयोजित करना, साम्‍प्रदायिक सौहार्द और राष्‍ट्रीय एकता के बारे में फैलोशिप और वित्‍तीय सहायता देना, हिंसा और साम्‍प्रदायिक संघर्ष के दुष्‍परिणामों और उसके बच्‍चों और युवाओं पर पड़ने वाले खराब असर के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए मीडिया से प्रचार करना और त्‍योहारों और सांस्‍कृतिक कार्यक्रम में लोगों को एकत्र करके शांति और सौहार्द के पर्व को बढ़ावा देना शामिल है।

साझेदारी और पहुंच : प्रतिष्‍ठान साम्‍प्रदायिक सौहार्द के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए समग्र रूप से लोगों को शामिल करने की दिशा में कार्य करता है। यह शिक्षण, सरकारी और धार्मिक संगठनों के साथ साम्‍प्रदायिक सौहार्द अभियान चलाता है, देश के समान विचारधारा वाले संस्‍थानों का पता लगाकर इस क्षेत्र में सक्रिय लोगों और शिक्षकों की एक सूची बनाता है, ‘शांति और सौहार्द के लिए स्‍वयंसेवियों’ को प्रोत्‍साहित करता है जिससे युवाओं को साम्‍प्रदायिक सौहार्द और राष्‍ट्रीय एकता के लिए काम करने का मौका मिलता है, एनएफसीएच के मकसद को बढ़ावा देने के लिए स्‍वयंसेवी संगठनों/गैर सरकारी संगठनों, आरडब्‍लूए के साथ सहयोग और राष्‍ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए किताबों का प्रकाशन और फिल्‍में बनाना शामिल है।

मान्‍यता –एनएफसीएच साम्‍प्रदायिक सौहार्द और राष्‍ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए व्‍यक्तियों और संगठनों को पुरस्‍कार देने के लिए नामांकन आमंत्रित करता है, भारत के उप-राष्‍ट्रपति के नेतृत्‍व वाले निर्णायक मंडल की बैठक बुलाता है और हर साल किसी व्‍यक्ति और संस्‍थान को उसके उल्‍लेखनीय योगदान के लिए पुरस्‍कृत करता है।

सकारात्‍मक कार्रवाई- एनएफसीएच साम्‍प्रदायिक, जातीय और आंतकवादी हिंसा से प्रभावित बच्‍चों को उनकी शिक्षा के लिए वित्‍तीय सहायता प्रदान कर सकारात्‍मक कार्रवाई करता है, समाज में हुई हिंसा से प्रभावित बच्‍चों का पता लगाता है, इन बच्‍चों को नये सिरे से सहायता देता है।

संसाधन जुटाना- हर साल नवम्‍बर में झंडा दिवस के अवसर पर शिक्षण और सरकारी संस्‍थानों से मिलने वाली दान की राशि एकत्र करना और पीएसई और निजी क्षेत्र से धन जुटाना।

रोडमैप

प्रतिष्‍ठान के सपने को साकार करने के लिए अगले पांच वर्ष के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है। इसमें पेशेवरों की प्रमुख भूमिका होगी जबकि नियमित कर्मचारी और कुछ अनुभवी पेशवरों को कुछ विशेष कार्य करने के लिए लगाया जा सकता है।

धन जुटाने के प्रयासों में मदद और प्रतिष्‍ठान में नई जान फूंकने के लिए, प्रस्‍ताव रखा गया है कि एनएफसीएच के प्रमुख मित्र धन जुटाने, वित्‍तीय प्रबंध, मानव संसाधन और सामान्‍य प्रशासन के क्षेत्र में समय-समय पर विशेषज्ञता प्राप्‍त दिशा निर्देश प्रदान करते रहें।

शांति और सौहार्द के लिए स्‍वयंसेवक

एनएफसीएच ने स्‍वयंसेवियों का नेटवर्क तैयार करने के लिए हाल ही में ‘शांति और सौहार्द के लिए स्‍वयंसेवी’ कार्यक्रम शुरू किया है। ‍गांधीवादी अवधारणा से स्‍वयंसेवियों का नेटवर्क स्‍थापित करने की प्रेरणा मिली, जो शांति और सौहार्द का माहौल बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। एनएफसीएच देश में हर साल 19 से 25 नवम्‍बर तक साम्‍प्रदायिक सौहार्द अभियान सप्‍ताह मनाता है।

शांति, अहिंसा और वसुधैव कुटुम्‍बकम की अवधारणा में यकीन रखने वाले भारत के किसी भी नागरिक का स्‍वागत है। पहले चरण में एनएसएस, एनवाईकेएस, एनवाईसी,एनसीसी, सिविल डिफेंस और स्‍कूल/ कॉलेज/विश्‍वविद्यालय के छात्रों और कार्पोरेट को शामिल किया जाएगा और सीएसओ, मोहल्‍ला समितियों, आरडब्‍लूए, सदभावना क्‍लबों, जिला शांति समितियों के साथ काम करने वालों को दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। स्‍वयंसेवी की न्‍यूनतम उम्र 15 वर्ष और न्‍यूनतम शैक्षणिक योग्‍यता 10 वीं होनी चाहिए।

संतुलित रवैया अपनाने के लिए दृष्टि पत्र में साम्‍प्रदायिक सौहार्द और राष्‍ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए ऐहतियाती उपायों पर अधिक जोर दिया गया है। उम्‍मीद है कि वर्तमान गतिविधियों को कारगर और मजबूत बनाने के लिए नई दृष्टि और प्रस्‍तावित नई पहल के साथ, एनएफसीएच आने वाले वर्षों में अधिक स्‍पष्‍ट, जोशपूर्ण और चुस्‍त संगठन बन जाएगा।

(पीआईबी फीचर)