सरकार सच्चर समिति की सिफारिशों पर अनुवर्ती कार्यवाही के रूप में कई कदम उठाती रही है। यह कार्यवाही सरकार के उस मूल सिद्धांत के अनुरूप है, जिसके अंतर्गत सरकार व्यापक विकास द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय की सामाजिक-आर्थिक स्थितयों में सुधार लाना चाहती है ताकि देश के हर नागरिक को एक गतिशील राष्ट्र के निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेने के समान अवसर मिलें। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अलावा अनेक मंत्रालय/विभाग इस प्रयास में लगे हुए हैं। सच्चर समिति की सिफारिशों पर सरकार द्वारा लिए गए फैसलों को लागू करने की स्थिति इस प्रकार है :-
वित्तीय सेवा विभाग
· सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों से कहा गया है कि वे उन जिलों में ज्यादा शाखाएं खोलें जहां अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी काफी ज्यादा है। 2007-08 से मार्च 2011 तक ऐसे क्षेत्रों में विभिन्न बैंकों की 2448 शाखाएं खोली गई।
· भारतीय रिजर्व बैंक ने अल्पसंख्यक समुदायों के लिए ऋण की सुविधाओं में सुधार के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऋण देने के अपने 5 जुलाई, 2007 के मास्टर सर्कुलर में संशोधन किया है। मार्च 2011 तक अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को 1,43,396.70 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए जो प्राथमिक आधार पर दिए गए कुल ऋण का 14.16 प्रतिशत है।
· बड़े-बड़े बैंकों की जिला सलाहकार समितियां अल्पसंख्यकों के ऋण के लिए आवेदन पत्रों को स्वीकृत किए जाने या अस्वीकृत किए जाने पर नियमित रूप से निगरानी करती है।
· महिलाओं में छोटे-छोटे ऋण लेने को प्रोत्साहित करने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के लिए 5,87,088 बैंक खाते खोले गए हैं और उन्हें 2010-11 में 3984.72 करोड़ रुपए के छोटे ऋण उपलब्ध कराए गए।
· सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक,उन प्रखंडों/जिलों/कस्बों में जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं, जहां अल्पसंख्यक समुदाय की काफी आबादी है। 2010-11 में ऐसे क्षेत्रों में 1976 जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए।
· बड़े-बड़े बैंकों ने अल्पसंख्यक समुदाय की अच्छी आबादी वाले प्रखंडों/जिलों/कस्बों में 1219 उद्यमशीलता विकास कार्यक्रम आयोजित किए।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय
· कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना के तहत अल्पसंख्यक समुदाय की ज्यादा आबादी वाले जिलों में 426 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोले जा चुके हैं। 2010-11 में ऐसे 64 और विद्यालय खोले जाने को स्वीकृति दी गई।
· राज्य सरकारों से कहा गया है कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत नए विद्यालयों को खोले जाने के प्रस्तावों पर विचार करते समय अल्पसंख्यक समुदाय की ज्यादा आबादी वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए।
· अल्पसंख्यक समुदाय की ज्यादा आबादी वाले जिलों में 2009-10 में 309 और 2010-11 में 314 नए माध्यमिक विद्यालय खोले गए।
· शैक्षिक रूप से पिछड़े देश के 374 जिलों में प्रत्येक जिले में एक आदर्श महाविद्यालय खोला जाएगा, जिनमें से 67 महाविद्यालय ऐसे जिलों में खोले जाएंगे जहां अल्पसंख्यक वर्ग की काफी आबादी है।
· पॉलिटेक्निकों पर उपमिशन के तहत, अल्पसंख्यक समुदाय की ज्यादा आबादी वाले 90 जिलों में ऐ 57 जिले पॉलिटेक्निक खोलने के लिए चुने गए हैं, जहां पॉलिटेक्निक नहीं हैं या कम संख्या में हैं। अभी तक अल्पसंख्यक समुदाय की ज्यादा आबादी वाले 37 जिलों में पोलिटेक्निक खोलने के लिए 140.66 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
· उन क्षेत्रों में जहां अल्पसंख्यक, विशेष रूप से मुस्लिम, आबादी ज्यादा है, महाविद्यालयों और विश्विवद्यालयों में लड़कियों के लिए छात्रावास खोलने को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा वरियता दी जाती है। यूजीसी ने अल्पसंख्यक समुदाय की ज्यादा आबादी वाले 90 जिलों में ग्यारहवीं योजना के दौरान 239 महिला छात्रावास खोलने की मंजूरी दी है और इसके लिए 64.66 करोड़ रुपए जारी किए हैं।
· क्षेत्रीय गहन एवं मदरसा आधुनिकीकरण कार्यक्रम संशोधित किया गया है और इसे दो योजनाओं में विभक्त कर दिया गया है। मदरसों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए एक योजना शुरू की गई है। 2010-11 में 12 राज्यों के 5045 मदरसों में 11382 शिक्षकों को सहायता देने के लिए 101.47 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया।
· क्षेत्रीय गहन एवं मदरसा आधुनिकीकरण कार्यक्रम से विभक्त एक और योजना निजी सहायता प्राप्त/ गैर सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थानों का बुनियादी ढांचा विकास नाम से एक और योजना शुरू की गई है। 2010-11 में दस राज्यों में 124 संस्थानों को सहायता प्रदान करने के लिए 22.98 करोड़ रुपए जारी किए गए।
· आगे की शिक्षा जारी रखने और रोजगार के लिए उन राज्य मदरसा बोर्डों द्वारा जारी प्रमाण पत्रों को केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भारत में स्कूली शिक्षा बोर्ड की परिषद (सीओबीएसई) और या किसी अन्य स्कूली शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा जारी प्रमाण पत्रों के समकक्ष माना जाएगा, जिनके प्रमाण पत्रों और योग्यता को संबंधित राज्य के बोर्डों द्वारा जारी प्रमाण पत्रों के समकक्ष माना गया है।
· तीन केन्द्रीय विश्वविद्यालयों- अलीगगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय और मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय में उर्दू माध्यम के शिक्षकों के व्यावसायिक कौशल के विकास की अकादमियां स्थापित की गई हैं।
· प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत उर्दूभाषा के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए वित्तीय सहायता देने की संशोधित योजना में किसी ऐसे मोहल्ले में जहां 25 प्रतिशत से ज्यादा आबादी उर्दू भाषी समुदाय से हो तो उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। 2011 में 25 उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 5.08 लाख रुपए और केरल में 208 उर्दू शिक्षकों को मानदेय देने के लिए 24.96 लाख रुपए मंजूर किए गए।
· सभी राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को स्कूली बच्चों के अध्ययन केन्द्र के रूप में वर्तमान स्कूल भवनों और समुदाय भवनों को इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
· राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने राष्ट्रीय पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क 2005 के अनुरूप सभी कक्षाओं के लिए पाठ्य पुस्तकें तैयार की हें। पैंतीस विश्वविद्यालयों ने अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सामाजिक बहिष्करण और समावेश नीति के अध्ययन के लिए केन्द्र शुरू किए हैं। इसके अलावा 2009-10 में 51 विश्वविद्यालयों में समान अवसर के केन्द्र खोले गए। 2010-11 में 1345 और 2011-12 में 1367 ऐसे केन्द्र खोले जाने का प्रस्ताव है।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
· एक कानून द्वारा उपेक्षित समूहों के लिए समान अवसर आयोग के गठन के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
· वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन के लिए एक विधेयक 27 अप्रैल, 2010 को लोकसभा में पेश किया गया और 7 मई, 2010 को पारित कर दिया गया। फिर इसे राज्य सभा को भेजा गया। इस विधेयक को राज्य सभा की स्थायी समिति को भेजा गया। स्थायी समिति की इस विधेयक पर विचार के लिए कई बैठकें हो चुकी हैं।
· सरकार ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) के ढांचे में बदलाव के लिए सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है। ढांचे में बदलाव का ब्यौरा तैयार करने के लिए एक सलाहकार समिति नियुक्त की गई है।
· अल्पसंख्यक समुदाय की घनी आबादी वाले 338 कस्बों में तेजी से विकास के लिए उचित रणनीति और कार्यवाही योजना का सुझाव देने के लिए गठित अंतर-मंत्रालय कार्यबल ने 8 नवम्बर, 2007 को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। संबंधित मंत्रालयों/विभागों को सलाह दी गई है कि वे इन 338 कस्बों में अपने कार्यक्रमों को लागू करने को वरियता दें।
· अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए चार छात्रवृत्तियां/अध्येतावृत्तियां शुरू की गई हैं। इन सभी योजनाओं में 30 प्रतिशत छात्रवृत्तियां छात्राओं को 2007-08 से 78.68 लाख रुपए की छात्रवृत्तियां/अध्येतावृत्तियां प्रदान की जा चुकी हैं। योजनावार कुल छात्रवृत्तियां/अध्येतावृत्तियों का ब्यौरा इस प्रकार है:-
1. कक्षा एक से दस तक मैट्रिकपूर्व छात्रवृत्ति योजना । 2008-09 से 66.63 लाख छात्रवृत्तियां प्रदान की गई हैं।
2. मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्तियां कक्षा ग्यारह से पीएचडी तक । 2007-08 से कुल 10.85 लाख छात्रवृत्तियां प्रदान की गई।
3. पाठ्यक्रमों के लिए श्रेष्ठता व साधन छात्रवृत्तियां। 2007-08 से 120,491 छात्रवृत्तियां दी जा चुकी हैं।
4. एमफिल और पीएचडी के लिए मौलाना आजाद राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति योजना । 2009-10 के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के अध्येताओं/छात्रों को 757 अध्येतावृत्तियां दी जा चुकी हैं।
5. मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान का कुल कोष जो पहले सौ करोड़ रुपए था, अब सात सौ करोड़ रुपए हो गया है। 2011-12 के बजट में 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जिससे यह बढ़कर साढे़ सात सौ करोड़ रुपए हो जाएगा। अपने गठन के बाद से इस प्रतिष्ठान ने शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए 1063 गैर सरकारी संगठनों को 139 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस प्रतिष्ठान ने 2003-04 से छात्राओं को 59303 श्रेष्ठता आधारित छात्रवृत्तियां भी दी हैं और इसके लिए 69 करोड़ रुपए जारी किए।
6. अध्यापन और सहयोगी कार्य की एक संशोधित योजना 2006-07 में शुरू की गई। 2010-11 में अल्पसंख्यक वर्ग के 4845 छात्रों ने इससे लाभ उठाया।
7. अल्पसंख्यक समुदाय की ज्यादा आबादी वाले 90 चुने हुए जिलों में 2008-09 के दौरान एक बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम शुरू किया गया। मंत्रालय ने अब तक राज्यों /केन्द्र शासित प्रदेशों को 2162.03 करोड़ रुपए जारी किए हैं। 2011-12 में 1219 करोड़ रुपए का बजट आबंटन किया गया है।
8. समाचार पत्रों, रेडियो और टीवी के माध्यम से लाभार्थियों तक जानकारी पहुंचाने के लिए एक मल्टीमीडिया अभियान शुरू किया गया है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय सामाजिक-धार्मिक समुदायों के लिए विभिन सामाजिक-आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं पर जानकारी/आंकड़ों के संकलन के लिए मंत्रालय में एक राष्ट्रीय डाटा बैंक खोजा गया है।
योजना आयोग
· योजना आयोग में सही और उचित निर्णय लेने के उद्देश्य से संग्रहीत आंकड़ों के विश्लेषण के लिए एक स्वशासी आंकलन एवं निगरानी प्राधिकरण गठित किया गया है।
· अल्पसंख्यक समुदायों सहित देश की कौशल-विकास की जरूरतों को पूरा करने के लिए योजना आयोग में कौशल विकास के लिए एक व्यापक संस्थागत ढांचा स्थापित किया गया है। इस ढांचे में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय परिषद, राष्ट्रीय कौशल विकास समन्वय बोर्ड और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम शामिल हैं।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग
· सरकारी अधिकारियों को संवेदनशील बनाने के लिए भारतीय लोक प्रशासन संस्थान ने एक पाठ्यक्रम तैयार किया है। इस पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए इसे केन्द्रीय/राज्य प्रशिक्षण संस्थानों को भेजा गया है और इसे प्रशिक्षण कैलेंडर में शामिल किया गया है। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी ने संगठित सिविल सेवाओं को संवेदनशील बनाने के लिए एक पाठयक्रम तैयार किया है और इसे प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल कर लिया गया है।
· कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेश के प्रशासकों को सलाह दी है कि वे थानों में मुस्लिम पुलिस कर्मियों को और मुसलमानों की ज्यादा आबादी वाले इलाकों में मुस्लिम स्वास्थ्य कर्मियों और शिक्षकों की तैनाती करें।
· विभाग ने सरकार, रेलवे, राष्ट्रीयकृत बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भर्ती करते समय अल्पसंख्यकों पर विशेष ध्यान देने के उद्देश्य से दिशानिर्देश 8 जनवरी, 2007 को जारी किए थे। उसके बाद से अल्पसंख्यकों की भर्ती पर नियमित रूप से निगरानी रखी जा रही है।
गृह मंत्रालय
· परिसीमन कानून पर समीक्षा के लिए गठित एक उच स्तरीय समिति ने सच्चर समिति की रिपोर्ट में व्यक्त की गई चिन्ताओं पर विचार किया और अपनी रिपोर्ट प्रस्तत कर दी है।
· साम्प्रदायिक सद्भाव पर नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) में एक कार्यकारी दल ने विधेयक का मसौदा तैयार किया है। विधेयक का शीर्षक है साम्प्रदायिक और लक्षित हिंसा को रोकना (न्याय और पुनरुद्धार) विधेयक, 2011, गृह मंत्रालय ने इस बारे में अपने विचार एनएसी को दे दिए हैं।
शहरी विकास मंत्रालय
· उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, लक्षद्वीप , पुडुचेरी और केरल की सरकारों ने वक्फ बोर्ड की सम्पत्ति पर किराया नियंत्रण कानून से छूट दी है।
आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय
· जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) से धन आसानी से जारी किया जा सके, इसके लिए जरूरी है कि लघु और मध्यम दर्जे के कस्बों के लिए शहरी चुनिंदा ढांचा योजना, कस्बों और शहरों के लिए समेकित आवास और झुग्गी -झोपड़ी विकास कार्यक्रम के अंतर्गत यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए हैं कि उन कस्बों और शहरों के लिए जहां अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी काफी ज्यादा है, विस्तृत परियोजना रिपोर्टों में अल्पसंख्यकों के लिए पर्याप्त धन का प्रावधान हो।
श्रम और रोजगार मंत्रालय
· असंगठित क्षेत्र के कामगारों जिनमें घरों में काम करने वाले लोग भी शामिल हैं, को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने का एक कानून संसद में पारित किया जा चुका है।
संस्कृति मंत्रालय
· जो वक्फ बोर्ड भारत के पुरातत्व विभाग के अंतर्गत है उनकी सूची की समीक्षा के लिए पुरातत्व विभग की राज्य वक्फ बोर्डों के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
· अल्पसंख्यक समुदाय की ज्यादा आबादी वाले इलाकों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी क्षेत्रीय भाषाओं में दी गई है।
पंचायती राज मंत्रालय
· पंचायती राज मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों को सलाह दी जा चुकी है कि वे स्थानीय निकायों में अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व में सुधार करें। (पसूका)
--------------------------------------------------------------------------------------------*अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय से प्राप्त जानकारी पर आधारित।