विशेष लेख : श्रम
असंगठित क्षेत्र के गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों (पांच सदस्यों के परिवार) के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को पहली अक्तूबर, 2007 को शुरू किया गया था और पहली अप्रैल, 2008 को इस पर अमल होना शुरू हुआ । योजना के अंतर्गत संगठित क्षेत्र में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को स्मार्ट कार्ड के आधार पर प्रतिपरिवार का 30,000 रुपये का कैशलेस बीमा प्रतिवर्ष किया जाता है । बीमे के प्रीमियम का खर्च केन्द्र और राज्य सरकार 75 और 25 के अनुपात में वहन करती है । पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू-कश्मीर में केन्द्र और राज्य सरकार प्रीमियम का खर्च 90 और 10 के अनुपात में वहन करती हैं । योजना में एक स्थान से दूसरे स्थान जाने वाले मजदूरों के लिए स्मार्ट कार्ड के मूल्य को विभाजित करने का प्रावधान है ।
31 जुलाई, 2011 तक 27 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों ने योजना को लागू करना शुरू कर दिया है । इन 27 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में से 25 राज्यों -असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और चंडीगढ़ ने स्मार्ट कार्ड जारी करना शुरू कर दिए हैं । 31 जुलाई, 2011 तक दो करोड़ 40 लाख कार्ड जारी किए जा चुके हैं । आंध्र प्रदेश और राजस्थान को छोड़कर शेष राज्यों में इस योजना को लागू करने की तैयारी की जा रही है । इन दोनों राज्यों की अपनी स्वास्थ्य बीमा योजनाएं हैं ।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, भवन निर्माण मजदूर (रोजगार नियमन और सेवा शर्तें) अधिनियम, 1996 के तहत भवन-निर्माण में लगे मजदूरों, गली मोहल्ले में रेहड़ी पर सामान बेचने वालों और बीड़ी मजदूरों पर भी लागू होगी । इस योजना का लाभ महात्मा गांधी नरेगा के उन मजदूरों को जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष में 15 से ज्यादा दिनों तक काम किया है और घरेलू काम में लगे नौकरों/नौकरानियों को भी मिलेगा ।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के वर्ष 2011-12 के लिए बीपीएल परिवारों और अन्य लक्षित समूहों के लिए परिव्यय और लक्ष्य निम्नानुसार हैं -
क्रमांक | योजना का नाम | परिव्यय | 2011-12 के लिए निर्धारित लक्ष्य |
1 | गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना | 312.42 करोड़ रुपये | 2.4 करोड़ रुपये |
2 | राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभों का भवन-निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों तक विस्तार | भवन निर्माण और अन्य निर्माण कार्य अधिनियम, 1996 के अंतर्गत गठित बोर्डों द्वारा उपकरों से प्राप्त आय | |
3 | राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभों का गली-मोहल्लों में रेहड़ी लगाकर सामान बेचने वालों तक विस्तार | 19.91 करोड़ रुपये | 4.21 लाख |
4 | राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का बीड़ी मजदूरों तक विस्तार | 62.25 करोड़ रुपये | 10 लाख |
5 | राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना घरेलू कामकाज करने वाले नौकरों/नौकरानियों तक विस्तार | 350 करोड़ रुपये | 4.75 लाख |
योजना की मूल विशेषताएं
Ø केन्द्रीय सरकार वार्षिक प्रीमियम का 75 प्रतिशत देगी और राज्य सरकार 25 प्रतिशत देगी, प्रशासनिक व्यय राज्य सरकार वहन करेगी । पूर्वोत्तर राज्यों में प्रीमियम का 90 प्रतिशत केन्द्रीय सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा ।
Ø लाभार्थियों को स्मार्ट कार्ड दिए जाएंगे ।
Ø प्रत्येक परिवार का 30,000 रुपये प्रतिवर्ष का बीमा किया जाएगा ।
Ø कार्य सम्पादन कैश लेस होगा ।
Ø पहले से हुए रोगों के लिए भी खर्च दिया जाएगा ।
Ø विभिन्न रोगों के इलाज और मातृत्व के लिए अस्पताल में दाखिल होने पर खर्च ।
Ø 30,000 की व्यय-सीमा के भीतर हर बार अस्पताल जाने पर 100 रुपये का परिवहन व्यय, जो 1000 रुपये प्रतिवर्ष तक किया जा सकता है ।
Ø राज्य सरकारों द्वारा तैयार की गईं परियोजनाओं को केन्द्रीय सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालय अनुमोदन एवं निगरानी समितिके पास स्वीकृतिके लिए भेजा जाएगा ।
योजना की कुछ अनूठी विशेषताएं
Ø स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल, इससे पूरी योजना कैशलेस हो गई है । इसके अलावा कार्ड को एक स्थान ले जाने की सुविधा ।
Ø अत्यंत गरीबों के लिए इतने बड़े पैमाने पर सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल ।
Ø बीमा करवाने के लिए सरकारी और निजी कम्पनियों का इस्तेमाल ।
Ø योजना के लिए व्यापारिक तरह के मानक तैयार करना ताकियोजना लम्बे समय तक चलती रहे।
Ø गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवार से पंजीकरण शुल्क के रूप में कुछ अंशदान लेना ताकिवह अपने आपको इस योजना से जुड़ा हुआ महसूस कर सके और
Ø कोई आयु-सीमा नहीं रखी गई है । इसलिए वरिष्ठ नागरिक भी इसका लाभ उठा सकते हैं । (पसूका)
* श्रम और रोजगार मंत्रालय से प्राप्त जानकारी पर आधारित
No comments:
Post a Comment